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प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पीएम-कुसुम): नए आवेदन बंद

नए आवेदन बंद। पीएम-कुसुम में सोलर सिंचाई पंप, या ग्रिड से जुड़े पंप को सौर बनाने के लिए केंद्र की 30% सहायता (पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्यों और द्वीपों में 50%) मिलती थी। एमएनआरई ने इसे मार्च 2026 के बाद नहीं बढ़ाया: केवल 31.12.2025 तक निविदा हो चुके पंप 30.09.2026 तक लग सकते थे, और योजना पीएम कुसुम 2.0 में मिलाई जानी है, जिसके नियम अभी जारी नहीं हुए।

मुख्य आँकड़े

स्थिति
बंद
मदद
30% लागत का, अधिकतम (50% पूर्वोत्तर राज्य, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में)
विभाग
नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
फ़ोटो: user:Fotokannan · CC BY 3.0 · प्रतीकात्मक चित्र

नई दिल्ली: नए आवेदन नहीं। एमएनआरई के 28.03.2026 के आदेश के अनुसार केवल 31.12.2025 तक पीपीए/एनटीपी वाली परियोजनाएँ पूरी हो सकती थीं; स्टैंडअलोन पंप (B) और पंप सौरीकरण (C-IPS) 30.09.2026 तक चालू होने थे। पीएम कुसुम 2.0 की प्रतीक्षा करें।

आवेदन कैसे करें: अपने राज्य की पीएम-कुसुम कार्यान्वयन एजेंसी के माध्यम से आवेदन करें — बिजली वितरण कंपनी, कृषि विभाग, लघु सिंचाई विभाग या राज्य द्वारा तय विभाग (पैरा 5.1(vii))। यदि आपका राज्य सब्सिडी नहीं देता, तब भी आप केवल केंद्र के हिस्से के साथ पंप लगा सकते हैं और बाक़ी स्वयं या बैंक ऋण से दे सकते हैं (पैरा 5.2.2)। आपका हिस्सा बैंक ऋण से मिल सकता है, ताकि शुरू में केवल 10% देना पड़े (पैरा 5.3.2)। पंप राज्य की निविदा से चुना गया विक्रेता लगाता है, पाँच साल के रखरखाव के साथ (पैरा 5.2.3)।

यह जानकारी Ministry of New and Renewable Energy, Government of India (F.No. 32/645/2017-SPV Division) के दस्तावेज़ "Extension of timeline for financial closure and completion of projects under PM KUSUM scheme – reg" (28 मार्च 2026) से है।

योजना में क्या मिलता है

योजना का पूरा पन्ना →
  • 30%लागत का, अधिकतम (50% पूर्वोत्तर राज्य, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में)नया ऑफ़-ग्रिड सोलर पंप (या डीज़ल पंप बदलने) पर केंद्र बेंचमार्क लागत का 30% देता है — पूर्वोत्तर, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में 50%।
  • 30%लागत का, अधिकतम (50% पूर्वोत्तर राज्य, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में)ग्रिड से जुड़े मौजूदा पंप पर सोलर पैनल लगाने के लिए केंद्र सौर लागत का 30% तक देता है — पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में 50% तक — और बची बिजली आप बिजली कंपनी को बेच सकते हैं।

सिंचाई और सोलर

सरकारी पोर्टल / दस्तावेज़ →

यह ख़बर Ministry of New and Renewable Energy, Government of India (F.No. 32/645/2017-SPV Division) के सरकारी/खुले आँकड़ों से अपने-आप लिखी गई है। इसमें हर अंक उसी आँकड़े से है — कोई अनुमान नहीं जोड़ा गया। ग़लती दिखे तो kisansamacharofficial@gmail.com पर लिखें।

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