क्या मिलता है
- 30%नया ऑफ़-ग्रिड सोलर पंप (या डीज़ल पंप बदलने) पर केंद्र बेंचमार्क लागत का 30% देता है — पूर्वोत्तर, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार में 50%।लागत का, अधिकतम (50% पूर्वोत्तर राज्य, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में)
- 30%ग्रिड से जुड़े मौजूदा पंप पर सोलर पैनल लगाने के लिए केंद्र सौर लागत का 30% तक देता है — पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में 50% तक — और बची बिजली आप बिजली कंपनी को बेच सकते हैं।लागत का, अधिकतम (50% पूर्वोत्तर राज्य, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में)
किसे कितना
सामान्य किसान30% (पहाड़ी/पूर्वोत्तर 50%)
लघु / सीमांत किसान30% (पहाड़ी/पूर्वोत्तर 50%)
महिला किसान30% (पहाड़ी/पूर्वोत्तर 50%)
अनुसूचित जाति30% (पहाड़ी/पूर्वोत्तर 50%)
अनुसूचित जनजाति30% (पहाड़ी/पूर्वोत्तर 50%)
किसान उत्पादक संगठन (FPO)30% (पहाड़ी/पूर्वोत्तर 50%)
सहकारी समिति30% (पहाड़ी/पूर्वोत्तर 50%)
लागत का अधिकतम हिस्सा; राशि सरकार की तय लागत-सीमा तक।
कौन ले सकता है
✓ सामान्य किसान✓ लघु / सीमांत किसान✓ महिला किसान✓ अनुसूचित जाति✓ अनुसूचित जनजाति✓ किसान उत्पादक संगठन (FPO)✓ सहकारी समिति
आवेदन कैसे करें
- अपने राज्य की पीएम-कुसुम कार्यान्वयन एजेंसी के माध्यम से आवेदन करें — बिजली वितरण कंपनी, कृषि विभाग, लघु सिंचाई विभाग या राज्य द्वारा तय विभाग (पैरा 5.1(vii))।
- यदि आपका राज्य सब्सिडी नहीं देता, तब भी आप केवल केंद्र के हिस्से के साथ पंप लगा सकते हैं और बाक़ी स्वयं या बैंक ऋण से दे सकते हैं (पैरा 5.2.2)।
- आपका हिस्सा बैंक ऋण से मिल सकता है, ताकि शुरू में केवल 10% देना पड़े (पैरा 5.3.2)।
- पंप राज्य की निविदा से चुना गया विक्रेता लगाता है, पाँच साल के रखरखाव के साथ (पैरा 5.2.3)।
