क्या मिलता है
- 75%व्यक्तिगत मधुमक्खी पालकों और फ़र्मों को लागत का 50%, स्वयं सहायता समूह, सहकारी समिति और एफपीओ को 75%।लागत का, अधिकतम
- 75%शहद प्रसंस्करण इकाई लगाने में सहायता, अधिकतम ₹300 लाख।लागत का, अधिकतम
किसे कितना
सामान्य किसान50%
लघु / सीमांत किसान50%
महिला किसान50%
अनुसूचित जाति50%
अनुसूचित जनजाति50%
बटाईदार / काश्तकार50%
भूमिहीन50%
किसान उत्पादक संगठन (FPO)75%
स्वयं सहायता समूह75%
सहकारी समिति75%
उद्यमी50%
स्टार्टअप50%
लागत का अधिकतम हिस्सा; राशि सरकार की तय लागत-सीमा तक।
कौन ले सकता है
✓ सामान्य किसान✓ लघु / सीमांत किसान✓ महिला किसान✓ अनुसूचित जाति✓ अनुसूचित जनजाति✓ बटाईदार / काश्तकार✓ भूमिहीन✓ किसान उत्पादक संगठन (FPO)✓ स्वयं सहायता समूह✓ सहकारी समिति✓ उद्यमी✓ स्टार्टअप
आवेदन कैसे करें
- राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड में मधुमक्खी पालक के रूप में पंजीकरण कराएँ (धारा 9.3)।
- अपना प्रस्ताव, अवसंरचना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के साथ, ज़िला उद्यान या कृषि अधिकारी को दें (धारा 5.5)।
- ज़िला स्तरीय समिति जाँचकर राज्य को सिफ़ारिश करती है; राज्य स्वीकृत प्रस्ताव राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड को भेजता है।
- राशि दो किस्तों में, जहाँ तक संभव हो सीधे आपके बैंक खाते में दी जाती है (धारा 7.2–7.3)।
कौन-से काग़ज़ चाहिए
- राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड पंजीकरण
- अवसंरचना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और सहायक दस्तावेज़ (धारा 4.40, 4.50)
