क्या मिलता है
- 35%पात्र परियोजना लागत का 35%, प्रति इकाई अधिकतम ₹10 लाख, बैंक ऋण के साथ।लागत का, अधिकतम
- ₹40,000स्वयं सहायता समूह के हर सदस्य को कार्यशील पूँजी और छोटे औज़ारों के लिए ₹40,000 की बीज पूँजी, एसएचजी फ़ेडरेशन से ऋण के रूप में।प्रति सदस्य बीज पूँजी, लौटाने वाला ऋण
- 35%एफपीओ, उत्पादक सहकारी समितियों और एसएचजी फ़ेडरेशन के लिए ऋण से जुड़ा 35% अनुदान।लागत का, अधिकतम
किसे कितना
सामान्य किसान35%
लघु / सीमांत किसान35%
महिला किसान35%
अनुसूचित जाति35%
अनुसूचित जनजाति35%
किसान उत्पादक संगठन (FPO)35%
स्वयं सहायता समूह35%
सहकारी समिति35%
उद्यमी35%
लागत का अधिकतम हिस्सा; राशि सरकार की तय लागत-सीमा तक।
कौन ले सकता है
✓ सामान्य किसान✓ लघु / सीमांत किसान✓ महिला किसान✓ अनुसूचित जाति✓ अनुसूचित जनजाति✓ किसान उत्पादक संगठन (FPO)✓ स्वयं सहायता समूह✓ सहकारी समिति✓ उद्यमी
आवेदन कैसे करें
- ज़िला स्तर पर आवेदन करें — आवेदन लगातार लिए जाते हैं — या ज़िले के रिसोर्स पर्सन के माध्यम से (पैरा 4.3.2)।
- रिसोर्स पर्सन आपकी इकाई की जाँच करता है; ज़िला स्तरीय समिति आपका साक्षात्कार लेती है (पैरा 4.3.3)।
- सिफ़ारिश होने पर रिसोर्स पर्सन परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने में मदद करता है, जो ऋण के लिए बैंक भेजी जाती है (पैरा 4.3.5)।
- बैंक से ऋण स्वीकृत होने के बाद सब्सिडी आपके नाम के मिरर खाते में रखी जाती है और खाता नियमित रहने पर तीन साल बाद ऋण में समायोजित होती है (पैरा 13.3, 13.4)।
कौन-से काग़ज़ चाहिए
- आवेदक का बुनियादी केवाईसी (पैरा 13.7)
- इकाई या मशीनरी की ज़मीन के पट्टे या स्वामित्व के कागज़ (पैरा 13.7)
- पंजीकरण और सरकारी अनुमतियाँ (पैरा 13.7)
- बिजली से चलने वाली मौजूदा इकाई के लिए: बिजली का बिल (पैरा 4.2(ii))
- कम से कम आठवीं पास होने का प्रमाण (पैरा 4.2(vii))
